समावेशी (inclusive) स्कूल बनाने के लिए नीति और प्रणालियाँ (ब)..

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की पहचान, आकलनऔर समीक्षा :-

अधिकांश मामलों में जब बच्चा स्कूल में आता है, तब तक बहुत समय नष्ट हो चुका होता है। इसलिए यह महत्वपर्ण है कि और अधिक समय न गंवाया जाए। प्रारंभिक अवस्था में CWSN की पहचान कर विद्यार्थी की जल्दी सहायता प्रदान करने में मदद करता है। इसके साथ यह भी महत्वपर्ण है कि अकादमिक याव्यवहार संबंधी या दोनों के साथ संघर्ष कर रहे किसी विद्यार्थी को स्वत: ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) का लेबल न दिया जाए। CWSN विद्यर्थियों को ‘समस्या पैदा करने वाले’ या ‘जिद्दी’ या ‘खराब प्रदर्शन’ करने वालों के रूप में देखने की यह प्रव्रत्ति विद्यार्थी, विशेष आवश्यकता के शिक्षक कार्यक्रम और अन्य विद्यार्थियों के लिए हानिकारक है जिनकी आवश्यकताएँ हो सकती हैं परन्तु वे कुछ अच्छे व्यवहार के कारण छूट जाते हैं।


विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की पहचान, आकलन और समीक्षा की प्रक्रिया


1. प्रारंभिक चिंता
  • एक विद्यार्थी के बारे में क्लास टीचर, एक विषय के शिक्षक या अभिभावक द्वारा प्रारंभिक चिंता व्यक्त की जा सकती है।
  • प्राचार्य, विशेष आवश्यकता के विशेषज्ञ शिक्षक और विद्यार्थी के क्लास टीचर / विषय शिक्षक सहकर्मियों से बात चीत कर विद्यार्थी की अकादमिक प्रगति, व्यक्तिगत विकास और विशेष रूप से स्कूल में बच्चे की प्रगति को प्रभावित करने वाले मुद्दों का मलू्यांकन करेंगे।
  • नीचे दी गई जानकारियों को एकत्र कर और उन्हें आपस में मिलाकर विद्यार्थी की प्रगतिका आकलन किया जाएगा:
    • वर्तमान स्तर, प्राप्त ग्रेड और परीक्षा के अंक
    • उपस्थिति का डेटा
    • व्यवहार या विद्यार्थी की प्रगति से संबंधित किसी अन्य विषय पर टिप्पणियाँ
  • विद्यार्थी की पाठ्यचर्या तक पहुचँ बनाने के लिए कुछ अलग रणनीतियों के साथ योजना बनाई जाएगी।
  • इस प्रकार की अलग रणनीतियों की सफलता की समीक्षा के लिए एक तिथि तय की जाएगी।
  • अभिभावकों को चर्चा में शामिल किया जाएगा, उनके बच्चों की सहायता के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उन्हें बताया जाएगा और समीक्षा तिथि की सूचना दी जाएगी। उन से घर पर किसी भी तरह की मदद करने के लिए कहा जा सकता है उदाहरण के लिए - खेलने, पढ़ने और टेलीविज़न देखने का एक नियमित कार्यक्रम बनाएँ, सुनिश्चित करें कि ग्रहकार्य पूरा किया गया है और बच्चा नियमित रूप से स्कूल आता है।
  • समीक्षा के दौरान यह निर्णय लिया जाएगा कि क्या आगे किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता है। संभावित परिणामों में ये शामिल हो सकते हैं:
    • आगे किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
    • विद्यार्थी की मॉनिटरिंग जारी रखी जाए और एक सहमत अवधि के बाद विद्यार्थी की प्रगति की समीक्षा की जाए।
    • विशेष आवश्यकता के विशेषज्ञ शिक्षक द्वारा बनाई गई व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) के आधार पर विद्यार्थी की मदद का स्तर बढ़ाएँ और उसे सपोर्ट प्लान के अगले स्तर पर ले जाएँ।
2. सहयोग बढ़ाना
  • यदि समीक्षा के दौरान निम्न बातें पाई जाती हैं तो सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जाएगा :
    • अलग रणनीतियों और सीखने के व्यक्तिगत अवसरों के बावजूद भाषा और गणित के कौशलों में बहुत कम या कोई प्रगति नहीं हुई है।
    • अलग प्रकार की पाठ्यचर्या के क्रियान्वयन और सहयोग के बावजूद संवाद में लगातार समस्याएँ आ रही हैं जो प्रगति के लिए बाधक हैं।
    • भावनात्मक और / याव्यवहार संबंधी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं जो व्यवहार प्रबंधन तकनीक और अलग प्रकार की रणनीतियों के उपयोग से भी सधुारी नहीं जा सकी हैं।
    • विद्यार्थी को संवेदी (sensory) या शारीरिक समस्याएँ हैं, जो प्रगति के लिए बाधक हैं। उसे स्पष्ट रूप से विशेष उपकरण और सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता है।
  • विद्यार्थी को विशेषज्ञों द्वारा बाह्य आकलन की सूची में रखे जाने की अनुशंसा की जाएगी।
  • विशेष आवश्यकता के विशेषज्ञ शिक्षक और क्लास टीचर मिलकर उचित स्तर के सहयोग की योजना बनाएंगे।
  • अभिभावकों की काउंसलिंग की जाएगी।

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