शासकीय माध्यमिक शालाओं की सतना, जबलपुर, उमरिया, रीवा, सीधी, आगरमालवा, देवास,इंदौर जिला एवं 89 आदिवासी विकासखण्डो को छोडकर जारी की गई हें अतिशेष की अंतिम सूची दिनाँक 04/08/2017

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(as per Govt. Order No./F-1-42/2014/20-1 Dt.11.04.2017) 
1 मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र क्र। एफ-1-42/2014/20-1 भोपाल दिनांक 11/04/2017 के अनुसार शालाओं में स्वीकृत शैक्षणिक पदों के अनुरूप पदस्थापना सुनिश्चित करने के लिये युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही हेतु निम्नानुसार सूची समस्त शेक्षिक अमले की पोर्टल पर (Pay Roll में ) उपलब्ध जानकारी एवं समग्र शिक्षा पोर्टल पर उपलब्ध नामांकन के आधार पर तैयार की गई है शासन आदेश दिनांक 11/04/2017 एवं 28/04/2017 के द्वारा स्वीकृत पदों के अनुरूप शेक्षणिक पदों के पदस्थापना की युक्तियुक्तकरण की नीति निर्धारित की गयी है |
2 उपरोक्त आदेश की कंडिका 4.2, कंडिका 5 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम में दिए गए प्रावधान के अनुसार उपलब्ध विषयवार शिक्षकों की संख्या अनुसार माध्यमिक शालाओं के लिए अतिशेष शिक्षकों की गणना की गई है | वर्तमान में माध्यमिक शालाओ में विषय मान से आवश्यक शिक्षकों की संख्या कम है | गणित, अंग्रेजी एवं जीव विज्ञान विषय के शिक्षक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होने से अतिशेष की गणना निम्नानुसार की गई है:- (1.) छात्र संख्या 100 तक – न्यूनतम 3 शिक्षक (अ) गणित/फिजिक्स का शिक्षक प्रथम शिक्षक होगा , गणित/फिजिक्स का शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर इंजी/जीवविज्ञान/कृषि के क्रम में शिक्षक गणित विषय के पूर्ति के अंतर्गत अतिशेष शिक्षक रहेगा | (ब ) अंग्रेजी/ अंग्रेजी विषय का अध्यापन कराने वाले शिक्षक द्वितीय शिक्षक होगा यह शिक्षक अंग्रेजी विषय के पूर्ति के अंतर्गत अतिशेष शिक्षक रहेगा | (स) सामाजिक विज्ञान अंतर्गत (कला, इतिहास,राजनीति शास्त्र, अर्थ शास्त्र , भूगोल, गृह विज्ञान, समाज शास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान,भू-गर्भ शास्त्र,जिस शिक्षक का कोई विषय पोर्टल पर अंकित नहीं किया गया हो एवं अन्य विषय (उपरोक्त सभी विषय को समान वेटेज दिया जायेगा) ) का तृतीय शिक्षक (2. ) छात्र संख्या 101 से 105 होने की स्थिति में उपरोक्त कंडिका 1 में उल्लेखित अनुसार तीन शिक्षक एवं 1 प्रधानाध्यापक (HM(MS)) होगा |
(3.) छात्र संख्या 105 से 140 होने पर कंडिका 2 में दर्शित अनुसार तीन शिक्षक एवं 1 प्रधानाध्यापक (HM(MS)) तथा चोथा शिक्षक संस्कृत/ उर्दू/मराठी/गुजरती विषय का अथवा संस्कृत/ उर्दू/मराठी/ गुजरती अध्यापन कराने वाला चतुर्थ शिक्षक होगा|
(4.) छात्र संख्या 141 से 175 होने पर कंडिका 3 में दर्शित अनुसार चार शिक्षक एवं 1 प्रधानाध्यापक (HM(MS)) तथा पांचवा शिक्षक जीव विज्ञान/ कृषि/मेडिकल विषय का अथवा जीव विज्ञान विषय का अध्यापन कराने वाला पांचवा शिक्षक होगा|छात्र संख्या 176 से 210 होने पर कंडिका 4 में दर्शित अनुसार पांच शिक्षक एवं 1 प्रधानाध्यापक (HM(MS)) तथा छटवा शिक्षक हिंदी / कला, इतिहास,राजनीति शास्त्र, अर्थ शास्त्र , भूगोल, गृह विज्ञान,
(5.) समाज शास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान,भू-गर्भ शास्त्र,जिस शिक्षक का कोई विषय पोर्टल पर अंकित नहीं किया गया हो एवं अन्य विषय का छटवा शिक्षक होगा|
 (6.) छात्र संख्या में वृद्धि होने पर प्रति 35 छात्र पर एक शिक्षक उपरोक्त क्रम में होगा |
(7. ) युक्तियुक्तकरण की गणना में शासन आदेश दिनांक 11/04/2017 के अनुसार अतिशेष के रूप में प्रथमतः विषयमान के आधार पर अध्यापक संवर्ग को इसके उपरान्त शिक्षक संवर्ग को लिया गया | माध्यमिक शाला में स्नातक योग्यता धारी शिक्षक / अध्यापक को विषय मान से रखा जायेगा |
1.शिक्षक / अध्यापक के उपलब्ध नहीं होने तथा संस्था में स्नातक योग्यता धारी शिक्षक सहायक शिक्षक / सहायक अध्यापक के उपलब्ध होने की स्थिति में स्नातक के विषय को विचार में लिया जायेगा |
2. एक ही विषय के शिक्षक / अध्यापक एव सहायक शिक्षक / सहायक अध्यापक होने पर, सहायक शिक्षक / सहायक अध्यापक को अतिशेष माना जायेगा |
3. आश्रम शाला, उर्दू शाला, संस्कृत पाठशाला एवं अग्रेजी माध्यम के स्कूलों को अतिशेष से पृथक रखा गया है, फिर भी यदि इन शालाओं के किसी शिक्षक का नाम अतिशेष की सूची में दर्शित हो रहा है तो उसे अतिशेष मानकर कार्यवाही नहीं की जाएगी , जिला शिक्षा अधिकारी इस सम्बन्ध में कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए आयुक्त लोक शिक्षण को सूचित करेंगे |
4. माध्यमिक शालाओ में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक श्रेणी -2 एवं शिक्षा कर्मी वर्ग- 2 यथावत पदस्थ रहेंगे |इनको युक्तियुक्तिकरण के तहत नहीं लिया गया है यदि इस श्रेणी का कोई व्यक्ति अतिशेष सूची मे सम्मिलित है तो जिला शिक्षा अधिकारी उन्हे सूची से पृथक करने हेतु कार्यवाही करेंगे |
5. स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 28.04.2017 की कंडिका-2 के अनुसार ‘‘ऐसे शिक्षक/अध्यापक जो दिनांक 30.04.2018 के पूर्व सेवा निवृत्त हो रहे है। उन्हें आदेश दिनांक 11.04.2017 के द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से पृथक रखा गया है अंतिम सूची जारी करने में विलम्ब हुवा है इस स्थिति में दिनांक 31.08.2018 तक के पूर्व सेवा निवृत्त हो रहे है उन्हें अतिशेष घोषित कर अन्यत्र पदस्थ नही किया जायेगा। वे अपनी पदांकित संस्था में यथावत सेवा निवृत्ति तक पदस्थ रहेगें,यह कार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी सुनिश्चित करेगे ।’’ 6.माध्यमिक शालाओ मे केवल प्रधानाध्यापक (MS), उच्चश्रेणी शिक्षक,अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 के पद है | अतिशेष की सूची मे दर्शित अन्य पद वाले शिक्षकों को प्रशासकीय प्रक्रिया से अन्यत्र पदस्थ किया जायेगा | कार्यरत निकाय में अध्यापक संवर्ग के पद पद रिक्त नहीं होने की स्थिति मे शिक्षक संवर्ग को स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अन्यत्र पदस्थ किया जाएगा, अध्यापक संवर्ग को कार्यरत निकायके बाहर पदस्थ नहीं किया |
7. अतिशेष सूची मे दर्शित शिक्षको/अध्यापको को स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र दिनांक 11-04-2017 की कंडिका 8 अनुसार अपील प्रस्तुत करने का अधिकार प्राप्त है |गंभीर बीमारी से पीड़ित ,निशक्त,विधवा एवं परित्यक्ता अतिशेष शिक्षक इस प्रावधान के तहत अपील कर सकते है,अपील में निराकरण नहीं होने पर आवश्कतानुसार जिला शिक्षा अधिकारी इस प्रवर्ग के प्रस्ताव विभाग को निराकरण हेतु प्रेषित कर सकते है |
  • शासकीय माध्यमिक शालाओं की सतना, जबलपुर, उमरिया, रीवा, सीधी, आगरमालवा, देवास,इंदौर जिला एवं 89 आदिवासी विकासखण्डो को छोडकर जारी की गई हें अतिशेष की अंतिम सूची दिनाँक 04/08/2017 को जारी की गई थी !

  • जबलपुर, उमरिया, रीवा, सीधी, आगरमालवा, देवास, इंदौर जिले की अतिशेष की सूची आज जारी की जा रही हें (04/10/2017)