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Madhya Pradesh
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07/19/2018 09:07:12
Training Needs Assessment of Teachers and Monitoring System
Welcome to Employee Training Needs Assessment and Monitoring System
Teachers Training Needs and Assesment

किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्यकालीन समय मे
Sh Usman Khan, Coordinator Teacher Training, Rajya Shiksha Kendra से मोबाइल नंबर 9425168224 पर संपर्क करें

गतवर्ष तक विद्यालय के परीक्षा परिणाम एवं मानीटरर्स के फीडबेक के आधार पर प्रशिक्षण का कन्टेन्ट निर्धारित करके प्रशिक्षण माड्यूल एवं प्रशिक्षण प्रक्रिया निर्धारित की जाती थी। इस वर्ष से प्रत्येक शिक्षक की प्रशिक्षण सम्बन्धी आवश्यकता के आकलन हेतु नवीन प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसमें शिक्षकों द्वारा बताया जावेगा, कि उन्हे वास्तव में किस विषय की किस दक्षता में प्रशिक्षण की आवश्यकता हैं, उनको उसी विषय एवं दक्षता में प्रशिक्षण दिया जावेगा, तथा शिक्षक द्वारा लिये गये प्रशिक्षण की प्रविष्टी भी दर्ज की जावेगी, जिससे हम लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि को जान सकेंगे।

नवीन व्यवस्था के फायदे :-
• राज्य/जिला/विकासखण्ड के पास किसी भी प्रकार का डाटाबेस नहीं रहता था, कि कौन से शिक्षक ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा उसको अभी और किस विषय में आवश्यकता है।
• प्रत्येक शिक्षक का डाटाबेस रहेगा जिसके आधार पर आगामी तीन वर्ष की शिक्षकवार कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।
• एक सत्र में सभी शिक्षकों को उनकी आवश्यकता के आधार पर प्रशिक्षित नहीं किया जा सकता इसलिये आगामी तीन वर्षो में शतप्रतिशत शिक्षकों को उनकी वास्तविक आवश्यकताओं पर प्रशिक्षित करने की कार्ययोजना तैयार की जासकती है,
• पोर्टल के माध्यम से विद्यालय/शिक्षकवार वस्तुस्थिति प्राप्त हो सकेगी।
• प्राथमिक/माध्यमिक की विषयवार आवश्यकताओं का आकलन के आधार पर जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जासकेगा।
• शिक्षक के सफलता पूर्वक प्रशिक्षित होने के पश्चात शिक्षक द्वारा पोस्ट टेस्ट में अर्जित अंक के विश्लेषण से यह ज्ञात होगा, कि प्रशिक्षण से कितना लाभ हुआ है, जिससे आगामी प्रशिक्षण के सबंध में संबंधित शिक्षक के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा।

मुख्य उद्देश्य यही है कि शिक्षक की वास्तविक आवश्यकता का बेस लाईन किया जा सके तथा जब जब वह प्रशिक्षण प्राप्त करे उसका विवरण उसके नाम के सम्मुख अंकित हो सके जिससे प्रशिक्षण में बुलाते समय दोहराव न हो तथा वास्तविक आवश्यकता के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।

आकलन की प्रक्रिया
1. राज्य शिक्षा केन्द्र में एक दिवसीय उन्मुखीकरण
2. जिले स्तर पर सभी विकासखण्डों के जनशिक्षकों बीआरसी/बीएसी का उन्मुखीकरण
3. प्रत्येक जनशिक्षक अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शालाओं में स्वयं जाकर अपने समक्ष में प्रत्येक शिक्षक से उसकी प्रशिक्षण की आवश्यकताओं संबंधी प्रपत्र को भरवायेंगे स्वयं के द्वारा यह प्रमाणित करेंगे कि शिक्षक द्वारा स्वयं भरा गया है।

4. प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के लिये पृथक-पृथक पत्रक उपयोग किया जावेगा
5. शिक्षकों का कम से कम दो विषयों पर अपनी आवश्यकताओं को बताना होगा
6. शिक्षक का नाम यदि प्राथ. शाला में है, तो उसके लिये प्राथ. शाला का प्रपत्र खुलेगा, माध्य. शाला में है, तो उसके लिये माध्य. शाला का प्रपत्र खुलेगा
7. शिक्षाशास्त्र के लिये भरा जाने वाला प्रपत्र प्राथमिक एवं माध्यमिक दोनों के लिये एक जैसा है।
8. आगामी तीन वर्षो में शतप्रतिशत शिक्षकों को उनकी वास्तविक आवश्यकताओं पर प्रशिक्षित किया जावेगा।
9. भरें हुये प्रपत्रों को बीआरसी में जमा किये जावेंगे। शिक्षकों की प्रशिक्षण आवश्यकता की पृविष्टि पोर्टल पर बी.आर.सी. के लॉगिन के द्वारा की जावेगी।
10.एक बार दर्ज जानकारी में निम्नानुसार अपडेशन होगा:-  शिक्षक के सफलता पूर्वक प्रशिक्षित होने के पश्चात शिक्षक द्वारा पोस्ट टेस्ट में अर्जित अंक।